अर्थ
प्रसेनकेँ सिंह मारलक, आ ओहि सिंहकेँ जाम्बवान मारलनि। हे सुकुमार! अहाँ दुःखी भऽ कऽ नहि रोऊ; ई स्यमन्तक मणि अहाँक अछि।
अपन मिथिला अपन एप्प · पण्डौल, मधुबनी, बिहार
सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः ।
सुकुमारक मा रोदीः तव ह्येष स्यमन्तकः ॥