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Hello Mithila

मिथिला सन् १४३४ · श्रावण मास

पंचांग सँ पंडित धरि —
अपन मिथिला, अपन भाषा।

तिथि, पर्व, मुहूर्त, मन्त्र आ विधि — एक ठाम। आ जँ किछु पूछबाक हो, पंडित जी एक क्लिक दूर छथि।

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आजुक पंचांग

श्रावण शुक्ल द्वादशी

मिथिला सन् १४३४

२५ अगस्त

मंगल · २०२६

सूर्योदय

०५:२२

सूर्यास्त

१८:१४

चन्द्रोदय

०९:३६

दिनमान

१२:५२

तिथि
द्वादशी २१:२२ धरि
नक्षत्र
रेवती ०७:०२ धरि
योग
वैधृति २०:३२ धरि
करण
तैतिल ०९:२२ धरि
पूरा दिनक विवरण →

दिनक गणना

आजुक दिन, एक नजरि में

दिनक रेखा

द्वादशी २१:२२ धरि

सूर्योदय ०५:२२
सूर्यास्त १८:१४
आब ०८:२०
००:०००६:००१२:००१८:००२४:००
दिनमान १२ घं ५२ मि शुभ काल त्याज्य काल आब

अभिजित मुहूर्त

११:२२ – १२:१३

ब्रह्म मुहूर्त

०३:४६ – ०४:३४

राहुकाल

१५:०१ – १६:३७

चौघड़िया

रोग

०५:२२ – ०६:५८

उद्वेग

०६:५८ – ०८:३५

चर

०८:३५ – १०:११

लाभ

१०:११ – ११:४८

अमृत

११:४८ – १३:२४

काल

१३:२४ – १५:०१

शुभ

१५:०१ – १६:३७

रोग

१६:३७ – १८:१४

दिनक विशेष

दिशाशूल
उत्तर
पक्ष
शुक्ल
चन्द्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
सिंह
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

पूजा, व्रत आ पर्व

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पंडित

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आजुक मन्त्र

रक्षा बंधन

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः ।
तेन त्वाम् प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

श्रावण पूर्णिमा केँ रक्षासूत्र बान्हबाक समय।

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६३

पर्व आ व्रत

१३

मन्त्र

पंडित

मिथिला पंचांगक बारे में

मिथिला पंचांग पूर्णिमान्त गणना पर आधारित अछि — प्रत्येक मास कृष्ण पक्ष सँ शुरू भ' क' शुक्ल पूर्णिमा पर समाप्त होइत अछि। एहि कारणे मिथिलाक तिथि आ पर्वक दिन किछु आन क्षेत्रक पंचांग सँ भिन्न होइत अछि।

तिथि सूर्योदय सँ सूर्योदय धरि नहि चलैत अछि — ओकर अपन आरम्भ आ समाप्ति समय होइत अछि। तेँ व्रत कोन दिन राखल जायत, ई निर्णय उदयव्यापिनी, प्रदोषव्यापिनी वा निशीथव्यापिनी नियम सँ होइत अछि। एहि एप्प में प्रत्येक तिथिक वास्तविक समय देखाओल गेल अछि।