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Hello Mithila

मिथिला सन् १४३४ · आश्विन मास

पंचांग सँ पंडित धरि —
अपन मिथिला, अपन भाषा।

तिथि, पर्व, मुहूर्त, मन्त्र आ विधि — एक ठाम। आ जँ किछु पूछबाक हो, पंडित जी एक क्लिक दूर छथि।

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आजुक पंचांग

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी

मिथिला सन् १४३४

९ अक्टूबर

शुक्र · २०२६

सूर्योदय

०५:४०

सूर्यास्त

१७:२४

चन्द्रोदय

२२:२४

दिनमान

११:४४

तिथि
त्रयोदशी ०४:२४ धरि
नक्षत्र
मूल १४:०४ धरि
योग
शुभ ०७:३४ धरि
करण
तैतिल १६:२४ धरि
पूरा दिनक विवरण →

दिनक गणना

आजुक दिन, एक नजरि में

दिनक रेखा

त्रयोदशी ०४:२४ धरि

सूर्योदय ०५:४०
सूर्यास्त १७:२४
आब ११:२२
००:०००६:००१२:००१८:००२४:००
दिनमान ११ घं ४४ मि शुभ काल त्याज्य काल आब

अभिजित मुहूर्त

११:०८ – ११:५५

ब्रह्म मुहूर्त

०४:०४ – ०४:५२

राहुकाल

१०:०४ – ११:३२

चौघड़िया

चर

०५:४० – ०७:०८

लाभ

०७:०८ – ०८:३६

अमृत

०८:३६ – १०:०४

काल

१०:०४ – ११:३२

शुभ

११:३२ – १३:००

रोग

१३:०० – १४:२८

उद्वेग

१४:२८ – १५:५६

चर

१५:५६ – १७:२४

दिनक विशेष

दिशाशूल
पश्चिम
पक्ष
कृष्ण
चन्द्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
तुला
ऋतु
शरद
अयन
उत्तरायण

पूजा, व्रत आ पर्व

आबय बला पर्व

पंडित

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पूजा सेवा

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मिथिला संस्कार

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आजुक मन्त्र

रक्षा बंधन

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः ।
तेन त्वाम् प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

श्रावण पूर्णिमा केँ रक्षासूत्र बान्हबाक समय।

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६३

पर्व आ व्रत

१३

मन्त्र

६

पंडित

मिथिला पंचांगक बारे में

मिथिला पंचांग पूर्णिमान्त गणना पर आधारित अछि — प्रत्येक मास कृष्ण पक्ष सँ शुरू भ' क' शुक्ल पूर्णिमा पर समाप्त होइत अछि। एहि कारणे मिथिलाक तिथि आ पर्वक दिन किछु आन क्षेत्रक पंचांग सँ भिन्न होइत अछि।

तिथि सूर्योदय सँ सूर्योदय धरि नहि चलैत अछि — ओकर अपन आरम्भ आ समाप्ति समय होइत अछि। तेँ व्रत कोन दिन राखल जायत, ई निर्णय उदयव्यापिनी, प्रदोषव्यापिनी वा निशीथव्यापिनी नियम सँ होइत अछि। एहि एप्प में प्रत्येक तिथिक वास्तविक समय देखाओल गेल अछि।