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Hello Mithila

प्रार्थना

दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम् ।
नमामि शशिनं भक्त्या शम्भोर्मुकुटभूषणम् ॥

अर्थ

जे चन्द्रमा दधि, शंख आ हिमक समान उज्ज्वल छथि, जे क्षीर-सागर सँ उत्पन्न भेल छथि, आ जे भगवान् शिवक मुकुटक आभूषण छथि, ओहि चन्द्रमाकेँ हम भक्तिपूर्वक प्रणाम करैत छी।

कहिया पढ़ी

चन्द्र दर्शन आ अर्घ्य दानक समय।

विधि

शुद्ध आसन पर बैसि, पूर्व वा उत्तर दिशा दिस मुँह क' क' शान्त मन सँ पाठ करू। उच्चारण स्पष्ट राखू।