अर्थ
जे चन्द्रमा दधि, शंख आ हिमक समान उज्ज्वल छथि, जे क्षीर-सागर सँ उत्पन्न भेल छथि, आ जे भगवान् शिवक मुकुटक आभूषण छथि, ओहि चन्द्रमाकेँ हम भक्तिपूर्वक प्रणाम करैत छी।
अपन मिथिला अपन एप्प · पण्डौल, मधुबनी, बिहार
दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम् ।
नमामि शशिनं भक्त्या शम्भोर्मुकुटभूषणम् ॥