मिथिलाक लोकगीत
मिथिला में गीत जीवनक हर अवसर सँ जुड़ल अछि। जन्म पर सोहर, विवाह पर समदाउन आ बिदाइ पर बटगवनी।
ई गीत मूलतः स्त्रीगणक कण्ठ में सुरक्षित रहल आ पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित भेल।
ई गीत मूलतः स्त्रीगणक कण्ठ में सुरक्षित रहल आ पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित भेल।