१ अक्टूबर २०२६ · गुरु
आश्विन कृष्ण पंचमी · मिथिला सन् १४३४
दिनक रेखा
पंचमी २२:०८ धरि
राहुकाल
सूर्योदय ०५:३७
सूर्यास्त १७:३३
००:०००६:००१२:००१८:००२४:००
दिनमान ११ घं ५६ मि
शुभ काल
त्याज्य काल
अभिजित मुहूर्त
११:११ – ११:५८
ब्रह्म मुहूर्त
०४:०१ – ०४:४९
राहुकाल
१३:०४ – १४:३४
चौघड़िया
शुभ
०५:३७ – ०७:०६
रोग
०७:०६ – ०८:३६
उद्वेग
०८:३६ – १०:०५
चर
१०:०५ – ११:३५
लाभ
११:३५ – १३:०४
अमृत
१३:०४ – १४:३४
काल
१४:३४ – १६:०३
शुभ
१६:०३ – १७:३३
अमृत
१७:३३ – १९:०३
चर
१९:०३ – २०:३४
रोग
२०:३४ – २२:०४
काल
२२:०४ – २३:३५
लाभ
२३:३५ – ०१:०५
उद्वेग
०१:०५ – ०२:३६
शुभ
०२:३६ – ०४:०६
अमृत
०४:०६ – ०५:३७
आन काल
अभिजित मुहूर्त
११:११ – ११:५८
ब्रह्म मुहूर्त
०४:०१ – ०४:४९
गोधूलि बेला
१७:०९ – १७:५७
निशीथ काल
२३:११ – २३:५९
राहुकाल
१३:०४ – १४:३४
यमगण्ड
०५:३७ – ०७:०६
गुलिक काल
०८:३६ – १०:०५